Wednesday, October 20
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शौक बड़ी चीज : पुराने गीतों की चढ़ी ऐसी धुन, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड, कैप्टन भी हैं इनके मुरीद

शौक बड़ी चीज : पुराने गीतों की चढ़ी ऐसी धुन, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड, कैप्टन भी हैं इनके मुरीद

पंजाब, मनोरंजन
पंजाब के बरनाला के रहने वाले गुरमुख सिंह लाली दुर्लभ गीतों, रेडियो रिकॉर्डिंग और नेताओं के भाषण के संग्रहकर्ता हैं। मूल रूप से गांव नाईवाला के रहने वाले लाली बैंक मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने चंडीगढ़, बठिंडा और बरनाला में नौकरी के दौरान सेवाएं दी हैं। 65 साल के लाली आजकल दुर्लभ गीतों को लोगों की फरमाइश पर फेसबुक के जरिए सुना रहे हैं। गुरमुख लाली ने बताया कि उनके पिता कई साल गांव के सरपंच रहे थे। इस कारण उनके घर में 1960 के दशक में भी चार अखबार आते थे। घर में एक रेडियो था। उस दौरान वे अखबार में गानों और फिल्मों के विज्ञापन बहुत सुनते और देखते थे। अखबर से कटिंग काटकर रख लेते थे कि कब कौन सा गाना और फिल्म आएगी। उन्हें बचपन से ही गाने सुनने और फिल्में देखने का शौक था। इसके साथ ही वे गानों की कैसेट एकत्रित कर लेते थे। वर्तमान में लाली ने गांव नाईवाला में ही अपने पिताजी के नाम...
किसान आंदोलन: 100 दिन में खर्च हो गए 308 करोड़ रुपये, किसानों की झोली पर पड़ रहा है भारी

किसान आंदोलन: 100 दिन में खर्च हो गए 308 करोड़ रुपये, किसानों की झोली पर पड़ रहा है भारी

ताजा खबर, पंजाब, राजनीति, राज्य
देश में किसान आंदोलन के सौ दिन पूरे हो चुके हैं। तीनों कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए किसान लगातार धरना दे रहे हैं। अब महापंचायतों और रैलियों का दौर आरंभ हो गया है। गणतंत्र दिवस के बाद केंद्र सरकार की ओर से बैठक का बुलावा नहीं आया है। हालांकि दोनों पक्ष बैठक करने के लिए उत्सुक हैं। इस सारी जद्दोजहद के बाद अगर किसान आंदोलन का खर्च देखें, तो अभी तक वह 308 करोड़ रुपये के पार जा चुका है। इसमें ट्रैक्टर परेड, उससे पहले का आंदोलन और गणतंत्र दिवस के बाद अभी तक के 38 दिन का आंदोलन शामिल है। इसके अलावा छोटी-बड़ी 60 से अधिक महापंचायतों का खर्च भी उक्त आंकड़े में जोड़ा गया है। संयुक्त किसान मोर्चे के वरिष्ठ सदस्य हन्नान मौला के अनुसार, हर किसान अपने हिस्से का चंदा देता है। कई संगठन भी किसानों की मदद के लिए आगे आए हैं। किसान ने नहीं मानी हार हन्नान मौला कहते हैं, आंदोलन की सबसे अच्छी बात यही...