Wednesday, October 20
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Author: admin

स्वर्ग की गोद में बसे अद्भुत स्थान: यहां चिलचिलाती गर्मी में मिलता है गजब का सुकून, देखिए तस्वीरें

स्वर्ग की गोद में बसे अद्भुत स्थान: यहां चिलचिलाती गर्मी में मिलता है गजब का सुकून, देखिए तस्वीरें

यात्रा
अगर आप गर्मियों में घूमने की योजना बना रहे हैं, तो हम आपको श्रीनगर की कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आपको अद्भुत अहसास होगा। ये वो स्थान हैं जहां चिलचिलाती गर्मी में भी ठंड और सुकून मिलेगा। पृथ्वी के स्वर्ग की गोद में बसा श्रीनगर अपने आप में बेशुमार सौंदर्य को समेटे हुए है। जिसका मुख्य आकर्षण डल झील और नागिन झील है। इन झीलों से श्रीनगर के आसपास के पहाड़ों का मनमोहक नजारा देखते हुए पर्यटक सुध-बुध खो बैठते हैं। मुगल गार्डन तो मुगल खूबसूरती की मिसाल है। यहां आपको कई मंदिर भी मिलेंगे जो कला की दृष्टि से बेहद अनुपम हैं। श्रीनगर में चश्मेशाही है, यहां पानी निकलता है। कहा जाता है कि इसमें औषधीय तत्व हैं। डल झील, श्रीनगर, कश्मीर, भारत पर जलप्रपात। झील 18 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करती है और कश्मीर में पर्यटन और मनोरंजन के लिए अभिन्न है और इसे "कश्मीर के मुकुट में गहना" ...
शौक बड़ी चीज : पुराने गीतों की चढ़ी ऐसी धुन, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड, कैप्टन भी हैं इनके मुरीद

शौक बड़ी चीज : पुराने गीतों की चढ़ी ऐसी धुन, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड, कैप्टन भी हैं इनके मुरीद

पंजाब, मनोरंजन
पंजाब के बरनाला के रहने वाले गुरमुख सिंह लाली दुर्लभ गीतों, रेडियो रिकॉर्डिंग और नेताओं के भाषण के संग्रहकर्ता हैं। मूल रूप से गांव नाईवाला के रहने वाले लाली बैंक मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने चंडीगढ़, बठिंडा और बरनाला में नौकरी के दौरान सेवाएं दी हैं। 65 साल के लाली आजकल दुर्लभ गीतों को लोगों की फरमाइश पर फेसबुक के जरिए सुना रहे हैं। गुरमुख लाली ने बताया कि उनके पिता कई साल गांव के सरपंच रहे थे। इस कारण उनके घर में 1960 के दशक में भी चार अखबार आते थे। घर में एक रेडियो था। उस दौरान वे अखबार में गानों और फिल्मों के विज्ञापन बहुत सुनते और देखते थे। अखबर से कटिंग काटकर रख लेते थे कि कब कौन सा गाना और फिल्म आएगी। उन्हें बचपन से ही गाने सुनने और फिल्में देखने का शौक था। इसके साथ ही वे गानों की कैसेट एकत्रित कर लेते थे। वर्तमान में लाली ने गांव नाईवाला में ही अपने पिताजी के नाम...
किसान आंदोलन: 100 दिन में खर्च हो गए 308 करोड़ रुपये, किसानों की झोली पर पड़ रहा है भारी

किसान आंदोलन: 100 दिन में खर्च हो गए 308 करोड़ रुपये, किसानों की झोली पर पड़ रहा है भारी

ताजा खबर, पंजाब, राजनीति, राज्य
देश में किसान आंदोलन के सौ दिन पूरे हो चुके हैं। तीनों कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए किसान लगातार धरना दे रहे हैं। अब महापंचायतों और रैलियों का दौर आरंभ हो गया है। गणतंत्र दिवस के बाद केंद्र सरकार की ओर से बैठक का बुलावा नहीं आया है। हालांकि दोनों पक्ष बैठक करने के लिए उत्सुक हैं। इस सारी जद्दोजहद के बाद अगर किसान आंदोलन का खर्च देखें, तो अभी तक वह 308 करोड़ रुपये के पार जा चुका है। इसमें ट्रैक्टर परेड, उससे पहले का आंदोलन और गणतंत्र दिवस के बाद अभी तक के 38 दिन का आंदोलन शामिल है। इसके अलावा छोटी-बड़ी 60 से अधिक महापंचायतों का खर्च भी उक्त आंकड़े में जोड़ा गया है। संयुक्त किसान मोर्चे के वरिष्ठ सदस्य हन्नान मौला के अनुसार, हर किसान अपने हिस्से का चंदा देता है। कई संगठन भी किसानों की मदद के लिए आगे आए हैं। किसान ने नहीं मानी हार हन्नान मौला कहते हैं, आंदोलन की सबसे अच्छी बात यही...
कोरोना : दिल्ली में हर आयु वर्ग के लोगों को लगेगा मुफ्त टीका, खाका तैयार, घोषणा जल्द

कोरोना : दिल्ली में हर आयु वर्ग के लोगों को लगेगा मुफ्त टीका, खाका तैयार, घोषणा जल्द

ताजा खबर
कोरोना का टीका अब दिल्ली में सभी को लगेगा। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सभी आयु वर्ग के लोगों को जल्द ही मुफ्त कोरोना वैक्सीन लगेगी। सरकार ने इसका पूरा खाका तैयार कर लिया है। जल्द ही इस टीकाकरण के बारे में घोषणा की जाएगी। कोरोना के एक बार फिर बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू करने का संकेत दिया है। पूरी दिल्ली में सरकार के जितने भी अस्पताल हैं वहां पर टीकाकरण का इंतजाम किया जाएगा। दिल्ली सरकार के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार सोमवार से शुरू होने वाले बजट सत्र के दौरान इस अभियान की घोषणा सरकार की तरफ से की जा सकती है। दिल्ली सरकार ने ये योजना बनाई है कि हर उम्र के लोगों को मुफ्त में ये वैक्सीन उपलब्ध कराई जाए जिससे दोबारा कोरोना के संक्रमण का खतरा नहीं बढ़ सके। एक तरह से देखा जाए तो दिल्ली एहतियात के तौर पर कदम उठाए जा रहे हैं।  ...
मुख्यमंत्री योगी ने महिला दिवस पर दी शुभकामनाएं, बोले- प्रदेश की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री योगी ने महिला दिवस पर दी शुभकामनाएं, बोले- प्रदेश की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण

उत्तर प्रदेश, ताजा खबर, राजनीति
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रगति में मातृशक्ति की भागीदारी अविस्मरणीय व महत्वपूर्ण है। आइए, हम मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण हेतु समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित हों। प्रदेशवासियों को 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस' की हार्दिक शुभकामनाएं। उत्तर प्रदेश की प्रगति में मातृशक्ति की भागीदारी अविस्मरणीय व महत्वपूर्ण है। आइए, हम मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण हेतु समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन एवं सर्वांगीण उन्नयन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। उसी क्रम में आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 'मिशन शक्ति' के द्वितीय चरण का शुभारंभ हो रहा है। आइ...
Dooce

Dooce

ताजा खबर
One of the best-known personal bloggers (those who provide more of a diary than a soapbox or reporting service), Heather Armstrong has been writing online since 2001. Though there were personal websites that came before hers, certain elements conspired to make Dooce one of the biggest public diaries since Samuel Pepys's (whose diary is itself available, transcribed in blog form, at Pepysdiary.com). Primarily, Armstrong became one of the first high-profile cases of somebody being fired for writing about her job. After describing events that her employer - a dotcom start-up - thought reflected badly on them, Armstrong was sacked. Blogs The incident caused such fierce debate that Dooce found itself turned into a verb that is used in popular parlance (often without users realising it...
Kottke

Kottke

मुरादाबाद
One of the early wave of blogging pioneers, web designer Jason Kottke started keeping track of interesting things on the internet as far back as 1998. The site took off, boosted partly through close links to popular blog-building website Blogger (he later married one of the founders). And as the phenomenon grew quickly, Kottke became a well-known filter for surfers on the lookout for interesting reading. Kottke remains one of the purest old-skool bloggers on the block - it's a selection of links to websites and articles rather than a repository for detailed personal opinion - and although it remains fairly esoteric his favourite topics include film, science, graphic design and sport. He often picks up trends and happenings before friends start forwarding them to your inbox. Kott...
TechCrunch

TechCrunch

उत्तर प्रदेश
Techcrunch began in 2005 as a blog about dotcom start-ups in Silicon Valley, but has quickly become one of the most influential news websites across the entire technology industry. Founder Michael Arrington had lived through the internet goldrush as a lawyer and entrepreneur before deciding that writing about new companies was more of an opportunity than starting them himself. His site is now ranked the third-most popular blog in the world by search engine Technorati, spawning a mini-empire of websites and conferences as a result.  Business Week named Arrington one of the 25 most influential people on the web, and Techcrunch has even scored interviews with Barack Obama and John McCain. Tech With a horde of hungry geeks and big money investors online, Techcrunch is the largest of ...
Boing Boing

Boing Boing

भारत
Lego reconstructions of pop videos and cakes baked in the shape of iPods are not generally considered relevant to serious political debate. But even the most earnest bloggers will often take time out of their busy schedule to pass on some titbit of mildly entertaining geek ephemera. No one has done more to promote pointless, yet strangely cool, time-wasting stuff on the net than the editors of Boing Boing (subtitle: A Directory of Wonderful Things). It launched in January 2000 and has had an immeasurable influence on the style and idiom of blogging. Boing But hidden among the pictures of steam-powered CD players and Darth Vader tea towels there is a steely, ultra-liberal political agenda: championing the web as a global medium free of state and corporate control. Boing Boing c...
The Huffington Post

The Huffington Post

विश्व
The history of political blogging might usefully be divided into the periods pre- and post-Huffington. Before the millionaire socialite Arianna Huffington decided to get in on the act, bloggers operated in a spirit of underdog solidarity. They hated the mainstream media - and the feeling was mutual. Bloggers saw themselves as gadflies, pricking the arrogance of established elites from their home computers, in their pyjamas, late into the night. So when, in 2005, Huffington decided to mobilise her fortune and media connections to create, from scratch, a flagship liberal blog she was roundly derided. Who, spluttered the original bloggerati, did she think she was? But the pyjama purists were confounded. Arianna's money talked just as loudly online as off, and the Huffington Post qu...