Wednesday, October 20
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शौक बड़ी चीज : पुराने गीतों की चढ़ी ऐसी धुन, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड, कैप्टन भी हैं इनके मुरीद

पंजाब के बरनाला के रहने वाले गुरमुख सिंह लाली दुर्लभ गीतों, रेडियो रिकॉर्डिंग और नेताओं के भाषण के संग्रहकर्ता हैं। मूल रूप से गांव नाईवाला के रहने वाले लाली बैंक मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने चंडीगढ़, बठिंडा और बरनाला में नौकरी के दौरान सेवाएं दी हैं। 65 साल के लाली आजकल दुर्लभ गीतों को लोगों की फरमाइश पर फेसबुक के जरिए सुना रहे हैं। गुरमुख लाली ने बताया कि उनके पिता कई साल गांव के सरपंच रहे थे। इस कारण उनके घर में 1960 के दशक में भी चार अखबार आते थे। घर में एक रेडियो था। उस दौरान वे अखबार में गानों और फिल्मों के विज्ञापन बहुत सुनते और देखते थे। अखबर से कटिंग काटकर रख लेते थे कि कब कौन सा गाना और फिल्म आएगी। उन्हें बचपन से ही गाने सुनने और फिल्में देखने का शौक था। इसके साथ ही वे गानों की कैसेट एकत्रित कर लेते थे। वर्तमान में लाली ने गांव नाईवाला में ही अपने पिताजी के नाम से जत्थेदार परगट सिंह पंजाबी संगीत लाइब्रेरी बनाई हुई है।

राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हो चुके हैं सम्मानित
गुरमुख सिंह लाली का नाम इन रिकॉर्डिंग के संग्रह के लिए राज्य पुरस्कार, लिमका बुक ऑफ रिकार्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की ओर से दिल्ली में उन्हें डॉ. महेंद्र सिंह रंधावा अवार्ड से सम्मानित किया गया था। लाली के पास आकाशवाणी की रिकॉर्डिंग का भी कलेक्शन है। सभी धर्मों के पुराने त्यौहारों के गीत उनके संग्रह में हैं। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाषचंद्र बोस इत्यादि के भाषण की रिकॉर्डिंग और रबिन्द्रनाथ टैगोर के बंगाली भाषा में गीत के रिकॉर्ड भी लाली के पास हैं। 

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